MISSION PAY BACK TO SOCIETY

Time - Talent - Treasure


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प्रवेश नोटिस : सिविल सेवा परीक्षा 2024 बैच

आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों के लिए आई.ए.एस./पी.सी.एस., एस.एस.सी. आदि की परीक्षाओँ हेतु निःशुल्क आवासीय स्वाध्याय/अनुशिक्षण (कोचिंग) केंद्र

डॉ. अम्बेडकर अकादमी आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों के लिए आई.ए.एस./पी.सी.एस., एस.एस.सी. आदि प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए निशुल्क स्वास्थ्य / अनुशिक्षण (कोचिंग) हेतु बैच 2024 के लिए अपने वेबसाइट www.mpbsindia.org द्वारा ऑनलाइन आवेदन-पत्र आमन्त्रित करती है । लिखित परीक्षा सिविल सर्विसेज एविं एस.एस.सी. के लिए अलग-अलग होगी जिनका पाठ्यक्रम क्रमशः सिविल परीक्षा (प्रा.) और एस.एस.सी. टियर-1 परीक्षा के अनुसार होगा । लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का साक्षात्कार उसी दिन होगा।

मिशन पे बैक टु सोसाइटी, गाजियाबाद

द्वारा संचालित

आवश्यक सुचना
उन सभी आवेदनों को निरस्त माना जायेगा जिसकी आयु 30 वर्ष से अधिक होगी या स्नातक की परीक्षा किसी भी कारण से पास नहीं है या स्नातक किया नहीं है |
बैच 2024 की प्रवेश परीक्षा के लिए, पूर्व में आवेदित छात्रों को निदेशित किया जाता है कि वह अपने ऑनलाइन फॉर्म को जांचने के प्रश्चात, पुनः सबमिट करे | जब तक फॉर्म ऑनलाइन सबमिट नहीं होगा आवेदन पूर्ण नहीं माना जायेगा | अतः ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद फॉर्म को ऑनलाइन सबमिट करे |

आवेदन की अंतिम तिथि : बाद में जारी की जाएगी
प्रवेश-परीक्षा की तिथि : बाद में जारी की जाएगी
कक्षाएं आरंभ होने की तिथि : बाद में जारी की जाएगी


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परीक्षा स्थल
डॉ. अम्बेडकर अकादमी
मसौता लिंक रोड, जिंदल नगर,
एन.एच.-09, गाजियाबाद (उ.प्र.)-201015
संपर्क: 9999659788, 9560186740, 7678598280, 9953593687

More Information


- आज का विचार -

175 साल पहले शिक्षा क्रांति, समाज क्रांति, महिला क्रांति, सेवा क्रांति, धम्म क्रांति, विज्ञान क्रांति करके भारत में सामाजिक परिवर्तन का आगाज करने वाली क्रांतिजोति सावित्रीमाई फूले, आज दुनियां की शिखर शख्सियतों में शुमार हो चुकी हैं। सभी साथियों को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की ढेरों मंगलकामनाएं । बस यही प्रेरणा लेनी है कि अगर उस विकट परिवेश में फूले दंपति 18 स्कूल खोल सके, तो हमारी सामर्थ तो इस समय सैंकड़ों गुना बढ़ी है, थोड़ा संकल्प बढ़ाना है। शिक्षा ही बुनियादी सरोकार तथा ढांचागत संसाधन है, व्यवस्था परिवर्तन के लिए। धन्यवाद मान्यवर कांशीराम साहेब आपने चालीस साल संघर्ष करके बहुजन आन्दोलन को राष्ट्रीय फलक पर स्थपित कर, हमे देश के सामाजिक क्रांतिकारियों से मिलवाया। जय जोती, जय जोहार, जय भीम ।
डॉ. राज कुमार

- विचार -

Los Angeles
मै उसी धर्म को मानता हु जो हमे स्वंत्रता, समानता और आपस में भाईचारा रखना सिखाता है|
समाज में अनपढ़ लोग है ये हमारे समाज की समस्या नही है लेकिन जब समाज के पढ़े लिखे लोग भी गलत बातो का समर्थन करने लगते है और गलत को सही दिखाने के लिए अपने बुद्धि का उपयोग करते है यही हमारे समाज की समस्या है|
जीवन लम्बा नही बल्कि बड़ा और महान होना चाहिए |
हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय है|
यदि मुझे लगेगा की सविंधान का दुरूपयोग हो रहा है तो सबसे पहले मै इस सविंधान को ही जलाऊंगा|
कौन सा समाज कितना तरक्की कर चूका है इसको जानने के लिए उस समाज के महिलाओ की डिग्री देख ले|
जो कौम अपना इतिहास तक नही जानती है वे कौम कभी अपना इतिहास भी नही बना सकती है|
भाग्य में विश्वास रखने के बजाय अपने शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए|
एक इतिहास लिखने वाला इतिहासकार सटीक, निष्पक्ष और ईमानदार होना चाहिए|
मानव के बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए|
हिन्दू धर्म में कारण, विवेक और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नही है|
समानता एक कल्पना हो सकता है लेकिन इसे गवर्निंग सिद्धांत के रूप से स्वीकार करना जरुरी है|
एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठ्ताप्राप्त व्यक्ति से हमेसा इस तरह अलग होता है की वह कभी भी समाज का सेवक बनने को तैयार रहता है|
शिक्षित बने, संघटित रहे और संघर्ष करे|
उदासीनता एक ऐसे किस्म की बीमारी है जो किसी को प्रभावित कर सकती है|
इन्सान का जीवन स्वन्त्रत है इन्सान समाज के विकास के लिए ही नही अपितु स्वय के विकास के लिए पैदा हुआ है|
जब तक आप सामाजिक रूप से स्वत्रंत नही है कानून जो भी आपको स्वत्रंता देता है वह आपके लिए बेमानी है|
एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ सामजिक असंतोष होना काफी नही है बल्कि क्रांति की सफलता के लिए न्याय और राजनितिक के साथ सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था होनी चाहिए|
कानून और व्यवस्था राजीतिक शरीर की वो दवा है जो राजीतिक शरीर के बीमार होने पर वह दवा जरुर देना चाहिए|
इतिहास यही बताता है की जहा नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है वहा जीत हमेसा अर्थशास्त्र की ही होती है निहित स्वार्थो को तबतक स्वेच्छा से नही छोड़ा गया है जबतक की मजबूर करने के लिए पर्याप्त ताकत नही लगाया गया हो|
यह जरुरी नही होता है की अत्यधिक धन वाला व्यक्ति अज्ञानी न हो और अत्यधिक निर्धन व्यक्ति उच्च श्रेणी का बुद्धि वाला न हो, अत्यधिक सम्पत्ति भी बुद्धि की कुशाग्रता को कुंठित करती है तो यही निर्धनता में इसे ऊपर ले जाती है|
खुद को दलित इसलिए मानते हो क्योकि दुसरो को उचा मानते हो|
किसी का स्वाद बदला जा सकता है लेकिन जहर को कभी भी अमृत में नही बदला जा सकता है|
पति पत्नी के बीच का घनिष्ट सम्बन्ध घनिष्ठ मित्रो के जैसा होना चाहिए|
किसी देश की सुरक्षित सेना किसी देश की सुरक्षित सीमा से कही बेहतर होती है|
हम ऐसे सयुंक्त एकीकृत आधुनिक भारत का निर्माण करना चाहते है तो सभी धर्मो के शाश्त्रो की संप्रुभता का अंत होना चाहिए|
सविंधान मात्र वकीलों का दस्तावेज नही बल्कि हमारे जीवन का माध्यम है|
न्याय हमेसा समानता के विचार को पैदा करता है|
इस देश में कितने महात्मा आये फिर भी आजतक छूत- अछूत बने हुए है|
ज्ञान व्यक्ति के जीवन जीने का आधार है|
शिक्षा का अधिकार जितना पुरुषो का है उतना ही अधिकार महिलाओ का भी है|
जो मन से स्वन्त्र है वास्तविक में वही लोग स्वन्त्र है|
लोकत्रंत सरकार का महज एक रूप नही है|
हमारे सविंधान में मत का अधिकार एक ऐसी ताकत है जो की किसी ब्रह्मास्त्र से कही अधिक ताकत रखता है|
आप जो कुछ भी अपने महान प्रयासों के जरिये प्राप्त करते है उससे बढ़कर इस दुनिया में आपके लिए कुछ नही है|
मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।
पति-पत्नी के बीच का संबंध घनिष्ठ मित्रों के संबंध के समान होना चाहिए।
हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।
जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है, वो आपके किसी काम की नहीं।
यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।
कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए।
एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है।
मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।
हर व्यक्ति जो मिल के सिद्धांत कि 'एक देश दूसरे देश पर शासन नहीं कर सकता' को दोहराता है उसे ये भी स्वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शासन नहीं कर सकता।
इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो।
बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर



WHO WE ARE


That our strength, power, position, privilege, and prosperity are the fruit of the relentless struggles and unthinkable sacrifices made by our ancestors is the foundational conceptual understanding of our Trust, Mission Pay Back to Society (MPBS). We strongly believe that what we are today is undoubtedly a debt to the community which we are born into, and this debt must be repaid back to the society in the form of various kinds of services rendered to our own people and several contributions made from our time, talent, and treasury with selfless commitment so that our future generation can develop an egalitarian and enlightened society.


मारी व्यक्तिगत शक्ति, पद, विशेषाधिकार और समृद्धि हमारे पूर्वजों के अथक संघर्ष और अकल्पनीय बलिदान का परिणाम है । आज हमारे पास जो कुछ भी है वह उस समुदाय का ऋण है जिसमें हम पैदा हुए हैं । यह ऋण समाज को हमें अपने समय, प्रतिभा और अर्थ से योगदान के रूप में निस्वार्थ और प्रतिबद्धता के साथ चुकाना है ताकि हमारी भावी पीढ़ी एक समतामूलक और प्रबुद्ध समाज के रूप में विकसित हो सके ।







Life should be
great rather
than long


Dr. B. R. Ambedkar





THE VISION


Mission Pay Back to Society is our initiative to develop young talent of the society and foster in them a sense of confidence, purpose and social commitment.



मिशन पे बैक टू सोसाइटी, समाज की युवा प्रतिभाओं को विकसित करने और उनमें आत्मविश्वास, उद्देश्य और सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ावा देने के लिए हमारी एक पहल है |







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AIM & OBJECTIVE


To establish and run Schools, Colleges, Research Institutes, Universities, Boarding Houses and Hostels, Public Libraries and Reading Halls especially in rural and semi-urban localities.

To institute fellowship, scholarship and freeship to the deserving students and confers awards and prizes to the persons of eminent social integrity.

To print, publish, circulate and distribute books, journals, magazines, news papers ensuring educational advancement & social awareness of the marginalized sections.

To promote rational, scientific and humanitarian thinking, attitude and temperament by promoting, practicing professing the great ideals of justice, equality, liberty, community and compassion by organizing lectures. workshops, seminars and conferences.


विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद छात्रों के लिए पुस्तकालय, वाचनालय, अध्ययन व मार्गदर्शन केंद्र, छात्रावास,अकादमी, स्कूल, कॉलेज, अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय आदि की स्थापना एवं संचालन ।

योग्य एवं मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करना और प्रतिष्ठित सामाजिक व्यक्तियों को सम्मान ।

वंचित वर्गों की शैक्षिक उन्नति और सामाजिक जागरूकता को सुनिश्चित करने के लिए पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं और समाचार पत्रों का मुद्रण, प्रकाशन, प्रसारण और वितरण ।

तर्कसंगत, वैज्ञानिक, मानवीय दृष्टिकोण और न्याय, समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और करुणा के महान आदर्शों को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं, सेमिनार, सम्मेलन और व्याख्यान शृंखलाएँ आयोजित करना ।







OUR WORKS



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DR. AMBEDKAR ACADMEY

Masouta Link Road, Jindal Nagar, NH-24, Ghaziabad-245304


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